केरल चुनाव में क्या होगी थरूर की भूमिका? खरगे-राहुल से मुलाकात के बाद बड़ी मिली जिम्मेदारी

चुनावी राज्य केरल में राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। इस बीच कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने सांसद शशि थरूर को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में केरल चुनाव के दौरान थरूर की क्या भूमिका रहेगी, इसकी जानकारी कांग्रेस विधायक और केरल विपक्ष के नेता वी.डी सतीशन ने दी है।

तिरुवनंतपुरम सांसद और कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर व पार्टी आलाकमान के बीच सबकुछ सामान्य हो गया है। गुरुवार (29 जनवरी) को शशि थरूर ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की। इस बैठक के बाद थरूर ने पार्टी नेतृत्व से मुलाकात पर खुशी जताई। साथ ही चर्चा को बहुत अच्छा और सकारात्मक करार दिया। ऐसे में उन सभी अटकलों पर पूरी तरह से विराम लग गया, जिसमें उनके पार्टी छोड़ने के कयास लगाए जा रहे थे। इस बीच अब केरल चुनाव में थरूर की भूमिका को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है।

केरल में विपक्ष के नेता का थरूर पर बयान
तिरुवनंतपुरम में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस विधायक और विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने बताया कि वह कोच्चि में राहुल गांधी के साथ एक मीटिंग में भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शशि थरूर केरल में चुनावों के लिए यूडीएफ कैंपेन में सबसे आगे रहेंगे। वह चुनावों के लिए केरल में अधिक सक्रिय रहेंगे। सतीशन ने आगे कहा कि हम उन्हें राज्य की सभी 140 सीटों पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

दिल्ली में मुलाकात के बाद क्या बोले थरूर?
वहीं दिल्ली से केरल पहुंचे शशि थरूर ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं इसे एक सकारात्मक तरीके से देखता हूं कि सभी मुद्दों पर बहुत अच्छे माहौल में और मिलजुलकर बातचीत करने का मौका मिला, और यह किसी भी पार्टी के लिए बहुत जरूरी है। हम सब साथ काम करने वाले साथी हैं। ये मेरे दो नेता हैं, एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष और दूसरी तरफ संसद के मेरे अपने सदन, लोकसभा में विपक्ष के नेता। बहुत ही अच्छी और केंद्रीत बातचीत करने का मौका मिलना अच्छा रहा। हम सब मिलकर बहुत ही पॉजिटिव तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।”

पार्टी की बैठकों से बना ली थी दूरी!
दरअसल, शशि थरूर पार्टी नेतृत्व से पिछले काफी दिनों से नाराज चल रहे थे। इतना ही नहीं उनकी नाराजगी इस कदम थी कि वो पार्टी आलाकमान की बैठकों में शामिल नहीं हुए। चाहे वो राहुल गांधी की अध्यक्षता वाली बैठक हो या फिर सोनिया गांधी की बैठक। हालांकि बैठकों में शामिल ना होने पर थरूर ने कभी व्यक्तिगत तो कभी किसी और कार्यक्रम की व्यस्तता का हवाला दिया, लेकिन उनको लेकर तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में कयास लगाए जा रहे थे कि वो पाला बदल सकते हैं। लेकिन अब दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद सबकुछ पहले की तरह सामान्य होने का दावा किया गया है।

माकपा के साथ बातचीत की आई थी खबरें
इतना ही नहीं कांग्रेस की बैठक से गायब रहने के बाद ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि शशि थरूर माकपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस पर कांग्रेस नेता ने टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि दुबई की यात्रा के दौरान ऐसी खबरें देखीं, लेकिन विदेश में रहते हुए ऐसे मामलों पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

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