
मध्यप्रदेश सरकार का शुक्रवार से शुरू हो रहा ‘जनविश्वास अभियान-2026’ केवल जनसुनवाई कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि अफसरों के कामकाज की सबसे बड़ी परीक्षा भी बनेगा। अभियान के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव छिंदवाड़ा से इसकी शुरुआत करेंगे। इसके बाद हर शुक्रवार मुख्यमंत्री, मंत्री, कलेक्टर और विभागीय अधिकारी जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं और लोकसेवाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे।
अभियान की खास बात यह है कि प्रत्येक जिले के प्रदर्शन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी और उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग को अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है। मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी किसी भी जिले का औचक दौरा कर सकेंगे। दौरे के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसेवाओं की गुणवत्ता और शिकायतों के निराकरण की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लिया जाएगा।
शिकायतों के निराकरण पर होगी साप्ताहिक समीक्षा
सरकार ने साफ किया है कि जिलों की साप्ताहिक समीक्षा शिकायतों के निराकरण और मैदानी निरीक्षण के आधार पर होगी। अभियान के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी, समस्याओं के समाधान और विभागीय कार्यों की प्रगति का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन-सा जिला बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और कहां सुधार की जरूरत है।
जिले में होंगे औचक निरीक्षण भी होंगे
अभियान के तहत हर शुक्रवार मुख्यमंत्री या प्रभारी मंत्री किसी न किसी जिले में रहेंगे। वहां जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, उद्योगों, व्यापारियों और आम नागरिकों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेंगे। अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए जाएंगे और उनकी प्रगति की निगरानी भी होगी। अपने दौरे के दौरान मंत्री और अधिकारी संबंधित जिले के स्कूल, आंगनवाड़ी, अस्पताल, सामुदायिक भवन, सरकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण भी करेंगे।



