
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव में महायुति ने एक बार फिर जीत का परचम लहराया है। मगर, शिवसेना पार्षदों की 5-स्टार होटल में हुई बैठक के बाद दलबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है।
सीएम फडणवीस ने दलबदल की अटकलों से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि मुंबई में सर्वसम्मति से महायुति का महापौर चुना जाएगा।
शिंदे की बैठक पर क्या बोले CM फडणवीस
शिंदे की होटल में पार्षदों से हुई मुलाकात पर सीएम फडणवीस ने आगे कहा, “जैसे मैं पुणे में नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात कर रहा हूं, वैसे ही शिंदे भी नए पार्षदों से मिल रहे हैं। उन्होंने सभी को बैठक के लिए बुलाया होगा। दलबदल का कोई सवाल ही नहीं उठता है।”
सीएम फडणवस के अनुसार,
शिंदे और मैं जल्द ही अन्य नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरान तय होगा कि मुंबई का महापौर कौन होगा और कितने समय के लिए होगा? हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। सबकुछ सामान्य रूप से चल रहा है।
महापौर पर अटकी बात
बता दें कि BMC चुनाव में 227 में से महायुति गठबंधन को 119 सीटें मिली हैं। इनमें बीजेपी ने अकेले 89 सीटें और शिवसेना ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की है। हालांकि महापौर चुनने के लिए बीजेपी को शिवसेना के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए शिंदे कोई बड़ी मांग कर सकते हैं।
शिवसेना ने बताई बैठक की वजह
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना के कुछ नेताओं ने दावा किया है कि शिंदे ढाई साल के लिए मेयर पद समेत कई शक्तिशाली BMC समितियों में हिस्सेदारी मांग सकते हैं। मगर, शिवसेना ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। शिवसेना का कहना है कि पार्टी ने नए पार्षदों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया था, जिसके लिए सभी पार्षदों को एकजुट किया गया था।



