सावन में अपने जन्‍मदिन पर शिव मंदिर में कराएं ‘रुद्री पाठ’

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस पूरे महीने शिव पूजा करने से उसका फल कई गुना बढ़कर मिलता है। अगर आपका या आपके परिवार में किसी का जन्‍मदिन भी सावन में पड़ता है, तो इसे और खास बनाया जा सकता है। जन्‍मदिन के दिन शिव मंदिर में ‘रुद्री पाठ’ यानी रुद्राष्टाध्यायी का पाठ कराना बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन के सारे कष्‍ट दूर हो जाते हैं और महादेव का आशीर्वाद मिलता है। चलिए इस पाठ के महत्‍व के बारे में जानते हैं।

रुद्री पाठ क्‍या है
रुद्री पाठ को रुद्राष्टाध्यायी भी कहा जाता है। यह यजुर्वेद का एक हिस्सा है जिसमें भगवान शिव के 11 रुद्र रूपों की स्तुति की गई है। इसमें ‘नमकम’ और ‘चमकम’ दो भाग होते हैं। इस पाठ के साथ-साथ शिवलिंग का अभिषेक किया जाात है। सावन में यह पाठ करने से शिव बहुत जल्‍दी प्रसन्‍न होते हैं।

जन्‍मदिन पर रुद्री पाठ कराने के 3 बड़े लाभ
कष्‍टों और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति

महादेव का यह वैदिक मंत्र बहुत शक्तिशाली है। जन्‍मदिन पर रुद्री पाठ कराने से जीवन में आ रही रुकावटें, नकारात्मक ऊर्जा और ग्रह दोष दूर होते हैं। जो काम बार-बार बिगड़ रहे हों, उनमें सफलता मिलने लगती है। मन का डर और तनाव भी कम होता है।

दीर्घायु और अच्‍छा स्‍वास्‍थ्‍य
जन्‍मदिन नए साल की शुरुआत है। इस दिन रुद्राभिषेक के साथ रुद्री पाठ कराने से लंबी आयु और अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य का वरदान मिलता है। बीमारियां दूर होती हैं और शरीर में नई ऊर्जा आती है। मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय भी टल जाता है।

ग्रह शांति और पापों का नाश
कुंडली में अगर शनि, राहु-केतु या चंद्रमा से जुड़े दोष हैं तो रुद्री पाठ से उन्‍हें शांत किया जा सकता है। साथ ही जाने-अनजाने में हुए पापों का नाश होता है। मन को शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

पूजन की जरूरी सामग्री
रुद्री पाठ के लिए ज्‍यादा सामान नहीं चाहिए। बस श्रद्धा जरूरी है।

जल और गंगाजल: शिवलिंग को स्‍नान कराने के लिए। इससे शुद्धता आती है।
पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर मिलाकर पंचामृत बनाएं। इससे रुद्राभिषेक किया जाता है।
बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल: शिव जी को बहुत प्रिय हैं।
दीप और अगरबत्ती: पूजा को पवित्र करने के लिए।

पूजा की सही विधि
सुबह जल्‍दी उठकर स्‍नान करें और सफेद या हल्‍के रंग के कपड़े पहनें।
शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग का जल और पंचामृत से अभिषेक करें।
बेलपत्र, फूल और धतूरा चढ़ाएं।
इसके बाद पंडित जी से रुद्री पाठ करवाएं। अगर खुद मंत्र आते हैं तो 11 बार “ॐ नमः शिवाय” का जाप भी कर सकते हैं।
अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें।
गरीबों को भोजन या दान जरूर करें। इससे पुण्‍य कई गुना बढ़ जाता है।

अत: सावन में आपका जन्‍मदिन है तो एक बार शिव मंदिर जाकर रुद्री पाठ जरूर कराएं। आपकी जीवन की परेशानियां दूर होंगी और आपको शिव कृपा जरूर प्राप्‍त होगी।

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