
बिहार में शराबबंदी को 10 साल से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने किसका बड़ा सच स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शराब के बिहार, झारखंड और यूपी में खपत को लेकर बड़ी बात कही है।
पटना के लोक भवन में नशा मुक्ति युवा विकसित भारत संकल्प अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर कहा कि आजकल बिहार के लोग अन्य राज्यों के धार्मिक स्थलों पर अधिक जाते हैं, जहां शराबबंदी लागू नहीं है, और कुछ लोग पूजा के बहाने वहां शराब का सेवन भी करते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद कुछ लोग छिपकर शराब पीते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी कानून से राज्य के लोगों को व्यापक लाभ मिला है और सरकार इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
जानिए सीएम सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मैं जानता हूं कि आजकल बिहार के लोग ज़्यादा पूजा-पाठ के लिए देवघर, बनारस और कुशीनगर जाते हैं। यह बात हम सभी जानते हैं। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि बिहार की स्थिति बदली है। हम जब विधायक के तौर पर जनता के बीच गाँवों में जाते थे, तब एक अनुभव होता था। गांव में लोगों से मिलने के बाद जब लौटने लगते थे, तो कोई व्यक्ति, जो शराब के नशे में होता था, पूछता था, ‘विधायक जी, आप कब आए? आप तो कभी दिखते ही नहीं।’ जबकि हम डेढ़ घंटे से उसी गांव में मौजूद रहते थे। शराब के नशे के कारण उसे इसका एहसास ही नहीं होता था।
‘चोरी छिपे लोग शराब पीते होंगे’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि बिहार के किसी भी कोने में चले जाइए, चोरी-छिपे कुछ लोग शराब पीते होंगे, इसमें दो राय नहीं है। लेकिन किसी भी सार्वजनिक स्थान पर शराबबंदी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह कानून किस तरह जनता को लाभ पहुंचा चा रहा है, इसे देखा जा सकता है।



