सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, अगले सप्ताह भी मजबूती के संकेत

वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी (Gold-Silver Price) की कीमतों में अगले सप्ताह मजबूती की उम्मीद है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले और भारत के केंद्रीय बजट 2026 पर कारोबारियों की नजर है। एमसीएक्स और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की, जिसमें अमेरिका-ईरान तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग प्रमुख कारण रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, गिरावट खरीदारी का अवसर होगी।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी की कीमतों (Gold-Silver Price) में अगले सप्ताह मजबूती बने रहने का अनुमान है। कारोबारियों को ट्रेड टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर संबंधी फैसले का इंतजार है। विश्लेषकों के अनुसार कारोबारियों का ध्यान अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक फरवरी को पेश किए जाने वाले 2026-27 के केंद्रीय बजट (Union Budget 2026) पर भी होगा, जो आयात शुल्क और राजकोषीय उपायों में बदलाव के माध्यम से घरेलू सोने के बाजार पर प्रभाव डाल सकता है।

ये फैक्टर्स रहेंगे अहम
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के उपाध्यक्ष (जिंस और मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा कि, “सोने की कीमतों में सकारात्मक रुख बने रहने की संभावना है। अगर कीमतों में कोई गिरावट आती है, तो यह खरीदारी का अवसर होगा, क्योंकि ध्यान एक बार फिर ट्रंप के व्यापार शुल्क मामले में अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की सुनवाई पर होगा।”
उन्होंने कहा कि निवेशकों की अमेरिका, भारत और जर्मनी के मुद्रास्फीति आंकड़ों के साथ-साथ चीन के व्यापार और निवेश आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों पर भी नजर होगी।

कहां पहुंचा सोने का रेट?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में सोने के वायदा भाव में पिछले सप्ताह 13,520 रुपये यानी 9.5 प्रतिशत की तेजी आई। शुक्रवार को यह 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस बीच, चांदी में भी तेजी बनी रही।
सप्ताह के दौरान इसमें 46,937 रुपये यानी 16.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इसने पहली बार तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया।

सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी
एंजल वन के प्रथमेश माल्या ने कहा, “एमसीएक्स में अमेरिका-ईरान तनाव में वृद्धि के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी और सप्ताह के दौरान सोने की कीमत 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर लगभग 1.6 लाख रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गई।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान की ओर युद्ध पोत भेजने और ईरानी तेल नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने के फैसले से बाजार में जोखिम और बढ़ गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कितना पहुंचा भाव?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में, कॉमेक्स में सोने के वायदा भाव में पिछले सप्ताह 384.3 डॉलर यानी 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और शुक्रवार को यह 4,991.40 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस बीच, चांदी की कीमतों में 12.7 अमेरिकी डॉलर यानी 14.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह पहली बार 100 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई। अंत में यह 101.33 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।

चांदी पहली बार 100 डॉलर के पार
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के जिंस विश्लेषक मानव मोदी ने कहा, “चांदी ने पहली बार 100 डॉलर का आंकड़ा पार किया, जबकि कॉमेक्स में सोना 5,000 अमेरिकी डॉलर से कुछ नीचे था। भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच कीमतों में पूरे सप्ताह उतार-चढ़ाव बना रहा, जो नए उच्च स्तर और मुनाफावसूली के दौर के बीच रहा।”
मोदी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्रिटेन और कुछ यूरोपीय संघ के देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा के बाद सोने की मांग में तेजी आई है। हालांकि, बाद में दावोस में ट्रंप की शुल्क को लेकर नरम टिप्पणियों के बाद कीमतों में आई तेजी कुछ हद तक कम हुई। इन टिप्पणियों से उनके रुख में नरमी के संकेत मिले।

ब्याज दर में कोई बदलाव की संभावना नहीं
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के मेर ने कहा, “फेडरल रिजर्व के इस महीने ब्याज दर में कोई बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि कमजोर श्रम बाजार की स्थिति को देखते हुए इस साल कम से कम दो बार ब्याज दरों में कटौती का अनुमान जताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह व्यापार शुल्क पर अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले से पहले ईटीएफ निवेशकों ने सोना और चांदी की खरीद जारी रखी। घरेलू जिंस बाजार 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को बंद रहेंगे।

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