
वजीरगंज कस्बे के बड़ा बाजार स्थित निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने स्टाफ पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। आक्रोशित परिजनों ने बुजुर्ग का शव अस्पताल के सामने रखकर जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस से भी नोकझोंक हुई।
बदायूं के थाना वजीरगंज कस्बे के बड़ा बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 62 वर्षीय बुजुर्ग निहाल सिंह की बुधवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने बुजुर्ग का शव अस्पताल के सामने रखकर जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ भाग गया।
सहसवान क्षेत्र के ग्राम आलमपुर जाहिदपुर निवासी निहाल सिंह का काफी समय से निजी अस्पताल में आंखों का इलाज चल रहा था। उनके परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों द्वारा गलत इंजेक्शन लगा दिया गया, जिससे उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
काफी देर तक मची रही अफरातफरी
मौत की खबर फैलते ही परिजन व स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए और शव को अस्पताल के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर और आसपास काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सूचना मिलने पर थाना वजीरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बुजुर्ग की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस मामले में एएससपी डॉ. बृजेश सिंह का कहना है कि वजीरगंज पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।



