
आधुनिक इंटरनेट की नींव रखने वाले कंप्यूटर वैज्ञानिक डेविड जे. फार्बर का 91 वर्ष की आयु में हार्ट फेलियर से निधन हो गया। उन्होंने कंप्यूटिंग और टेलीकम्युनिकेशन को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे वैश्विक इंटरनेट नेटवर्क का विकास हुआ। जापान की Keio यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहे फार्बर को उनके शोध और मार्गदर्शन के लिए ‘इंटरनेट का पितामह’ कहा जाता था। उनके बेटे इमानुएल ने निधन की पुष्टि की।
मॉडर्न इंटरनेट की बुनियाद को मजबूत करने वाले कंप्यूटर वैज्ञानिक डेविड जे. फार्बर का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके परिवार के अनुसार, हार्ट फेलियर की वजह से ऐसा हुआ।
बता दें कि 2018 से वे जापान की Keio यूनिवर्सिटी में अध्यापन कर रहे थे।कई दशकों तक चले अपने करियर में फार्बर ने कंप्यूटिंग और टेलीकम्युनिकेशन को साथ लाने में अहम भूमिका निभाई जिसने आगे चलकर ग्लोबल इंटरनेट नेटवर्क की नींव तैयार की।
बेटे ने की निधन की पुष्टि
फार्बर के बेटे इमानुएल फार्बर ने फार्बर के निधन की जानकारी साझा की है। एक शिक्षक और मार्गदर्शक के रूप में फार्बर की पहचान उतनी ही मजबूत थी जितनी एक Researcher के रूप में। उनके कई छात्र आगे चलकर इंटरनेट टेक्नोलॉजी के विकास में अहम भूमिका निभाने लगे। नेटवर्किंग पर उनके शोध और मार्गदर्शन की वजह से उन्हें इंटरनेट का पितामह भी कहा गया है।
कम्युनिकेशन की दिशा में एक नया मोड़
जानकारी के मुताबिक फार्बर ने 1950 के दशक में प्रतिष्ठित Bell Laboratories से अपने करियर को शुरू किया। उस वक्त कंप्यूटर मुख्य रूप से गणना तक ही सीमित था, लेकिन उनकी रिसर्च ने कंप्यूटिंग को नेटवर्क कम्युनिकेशन की दिशा में एक नया मोड़ दिया।
नेटवर्क बेस्ड कम्युनिकेशन को दिया साकार रूप
ये बदलाव आगे चलकर इंटरनेट आर्किटेक्चर की नींव बना। टेक जगत में उन्हें शुरुआती दौर के उन खास आर्किटेक्ट्स में काउंट किया जाता है, जिन्होंने नेटवर्क बेस्ड कम्युनिकेशन की कल्पना को साकार रूप दिया।



