धर्मांतरण गिरोह में 200 से अधिक मौलाना, दक्षिण भारत से जुड़े तार

बरेली के धर्मांतरण गिरोह में 200 से ज्यादा मौलाना शामिल हैं। इसके दक्षिण भारत से तार जुड़े हैं। पांचवें आरोपी महबूब बेग का सुराग नहीं लगा है। पुलिस जेल भेजे गए आरोपियों के करीबियों की कुंडली खंगाल रही है।
बरेली में धर्मांतरण कराने वाले मौलाना अब्दुल मजीद के गिरोह के तार देश के 13 राज्यों से जुड़े हैं। इसमें 200 से ज्यादा मौलाना शामिल हैं, जो लोगों को प्रलोभन और भय दिखाकर धर्मांतरण के लिए बरगलाते हैं। पुलिस टीम ने बुधवार को गिरोह के पांचवें सदस्य इज्जतनगर के रहपुरा निवासी महबूब बेग की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। पुलिस आरोपियों के परिजनों व करीबियों की भी कुंडली खंगाल रही है। हवाला के जरिये लेन-देन की आशंका में आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेन-देन का ब्योरा खंगाला जा रहा है।

एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि जेल भेजे गए गिरोह के सरगना भुता थाना क्षेत्र के गांव फैजनगर निवासी अब्दुल मजीद, सुभाषनगर थाना क्षेत्र के गांव करेली निवासी सलमान, आरिफ और भोजीपुरा थाना क्षेत्र के सैदपुर चुन्लीलाल निवासी फईम की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।

इसमें सामने आया है कि अब्दुल मजीद अक्सर तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान के लैंडलाइन नंबरों पर बात करता था। अब्दुल मजीद और उसकी पत्नी के पांच बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। उसके इन खातों में 13.20 लाख रुपये से ज्यादा होने की बात सामने आई है।

एसपी साउथ ने बताया कि पांचवें आरोपी महबूब बेग को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों ने धर्मांतरण संबंधी साहित्य, पाकिस्तानी स्कॉलर व मौलानाओं की सीडी कहां से जुटाई, इसकी भी जांच की जा रही है। गिरोह में शामिल सदस्यों की संख्या ज्यादा हो सकती है। इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां होंगी।

बहन आयशा से निकाह कराकर आगरा के पीयूष को बना दिया मोहम्मद अली
बरेली के धर्मांतरण गिरोह के तार देशभर में फैले हुए हैं। जांच के दौरान सामने आया है कि कुछ वर्ष पहले अब्दुल मजीद ने अपनी बहन आयशा का निकाह आगरा के पीयूष से कर दिया। बाद में पीयूष का धर्मांतरण कराकर उसे मोहम्मद अली बना दिया। पीयूष और उसके परिजनों को धर्मांतरण गिरोह में शामिल भी कर लिया।
कुछ महीने पहले आगरा में भी धर्मांतरण गिरोह का खुलासा हुआ था। पुलिस ने पीयूष समेत कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एसपी साउथ अंशिका वर्मा का कहना है कि भय और प्रलोभन के कारण धर्मांतरण करने वालों की संख्या ज्यादा हो सकती है। आरोपियों के पास से बरामद साहित्य की भी जांच की जा रही है। पीयूष के संबंध में आगरा पुलिस से संपर्क करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। जो भी सूचनाएं मिल रहीं हैं, उनकी सत्यता परखी जा रही है।

मादक पदार्थों की तस्करी से भी तार जुड़े होने की आशंका
धर्मांतरण गिरोह के तार मादक पदार्थों की तस्करी से भी जुड़े जोने की आशंका है। जांच के दौरान सामने आया है कि मादक पदर्थों की तस्करी में जेल जा चुके कई तस्कर भी अब्दुल मजीद के संपर्क में थे। इज्जतनगर के रहपुरा निवासी महबूब बेग गिरोह में दूसरे नंबर पर था। अब्दुल मजीद और गिरोह के बाकी सदस्यों के बीच वह मध्यस्थ का काम करता था।

सोशल मीडिया पर बनाए कई ग्रुप, कट्टरपंथी जाकिर नाइक का करते थे प्रचार
आस्पीवी व्हाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई ग्रुप चलाते थे। इन ग्रुप के जरिये वे लोगों को बरगलाने के साथ ही भगोड़े कट्टरपंथी जाकिर नाइक का प्रचार करते थे। आरोपी ग्रुपों में जाकिर नाइक व मुस्लिम कट्टरपंथियों के ऑडियो-वीडियो भी शेयर करते थे।

मुस्लिम झुकाव वाले हिंदू लेखकों का साहित्य भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते थे। इन ग्रुप का इस्तेमान समुदाय विशेष की लड़कियों के फोटो व वीडियो पोस्ट करने के लिए किया जाता था। आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डाटा को सुरक्षित कर पुलिस उसकी जांच कर रही है।

सरगना की यात्राओं का ब्योरा जुटा रही खुफिया इकाई
धर्मांतरण गिरोह को लेकर खुफिया इकाइयां भी सक्रिय हो गई हैं। सरगना अब्दुल मजीद की देशभर में की गई यात्रियों को ब्योरा जुटाया जा रहा है। अब तक सामने आया है कि वह देश के 13 से ज्यादा राज्यों की यात्रा कर वहां गिरोह खड़ा कर चुका है। हालांकि, अब तक गिरोह के सरगना व किसी अन्य सदस्य की विदेश यात्रा का कोई ब्योरा नहीं मिला है। इस बीच पुलिस और खुफिया इकाइयां गिरोह के अन्य सदस्यों व धर्मांतरण की गतिविधियों में शामिल रहे लोगों को चिह्नित कर रहीं हैं।

सुभाषनगर में एक और हिंदू परिवार को बनाया मुसलमान
धर्मांतरण गिरोह ने सुभाषनगर के गांव करेली निवासी ब्रजपाल साहू समेत उसके पूरे परिवार का धर्मांतरण करा दिया। ब्रजपाल को अब्दुल्ला, उसकी बहन राजकुमारी को आयशा और मां ऊषा देवी को अमीना बना दिया। ब्रजपाल मुस्लिमों की तरह दाढ़ी भी रखने लगा है। अब जांच में पता चला है कि सुभाषनगर थाना क्षेत्र में ही एक और परिवार का धर्मांतरण प्रलोभन देकर कराया गया है।

मौलाना अब्दुल मजीद ने परिवार के चार सदस्यों को कई दिन तक भुता के गांव फैजनगर स्थित मदरसे में रखा। यह परिवार अब सुभाषनगर में ही रहता है। गिरोह के सदस्य सलमान के करीबी बताए जा रहे सुभाषनगर के करेली निवासी कुछ लोगों का नाम भी इस प्रकरण में सामने आ रहा है। धर्मांतरण करने वाले इस परिवार को पुलिस तलाश रही है

Show More

Related Articles

Back to top button