शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें, जानें इनके पीछे की पौराणिक वजह

शिवलिंग की पूजा की जाती है। जहां शिवलिंग की पूजा (Shivling Puja Niyam) के दौरान बेलपत्र, गंगाजल, दूध और शहद आदि अर्पित किए जाते हैं, वहीं शास्त्रो में कुछ ऐसी चीजों का भी वर्णन किया गया है, जिन्हें भूल से भी शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए। इसके पीछे कुछ मान्यताएं भी मिलती हैं।

इसलिए नहीं चढ़ती तुलसी
जहां भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूरी रूप से अर्पित किया जाता है, वहीं शिवलिंग पर तुलसी चढ़ाने की मनाही होती है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी मिलती है, जिस के अनुसार, वृंदा एक पतिव्रता नारी थी, जिसे आज हम तुलसी के नाम से जानते हैं। वह जलंधर राक्षस की पत्नी थी।

उसके पतिव्रता धर्म के कारण जालंधर को हराना मुश्किल था। इसलिए भगवान विष्णु ने छल से वृंदा का पतिव्रत धर्म भंग किया और भगवान शिव ने जालंधर का वध कर दिया था। इसी वजह से शिवलिंग पर तुलसी चढ़ाना वर्जित है।

इस तरह हुई शंख की उत्पत्ति
शिवलिंग की पूजा में शंख का उपयोग करना भी शुभ नहीं माना जाता है। इसके पीछे भी एक पौराणिक कथा मिलती है, जिसके अनुसार, पौराणकि काल में शंखचूड नामक एक दैत्य से सभी देवता परेशान थे। ऐसे में भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से उस दैत्य को भस्म कर दिया। उस भस्म से शंख की उत्पत्ति हुई। इसलिए शिव जी की पूजा में शंख से जल चढ़ाना वर्जित है।

केतकी के फूल को मिला था ये श्राप
शिवलिंग पर केतकी का फूल अर्पित करना भी शुभ नहीं माना जाता। इसका पौराणिक कारण यह माना जाता है कि ब्रह्मा जी के झूठ में गवाह बनने के कारण शिव जी ने केतकी को अपनी पूजा में वर्जित कर दिया था।

न चढ़ाएं ये चीजें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव जी को कभी भी सिंदूर, हल्दी, नारियल पानी व टूटे हुए चावल भी अर्पित नहीं करने चाहिए। ऐसा करना बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता। शिवलिंग पर इन चीजों को अर्पित करने से आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

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