
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सूबे के मुखिया नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अब राज्य की कमान छोड़कर दिल्ली की ओर रुख कर रहे हैं। नीतीश कुमार आज यानी 5 मार्च को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। यह बिहार की राजनीति में एक युग का अंत और एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।
आइए नजर डालते हैं ‘सुशासन बाबू’ के नाम से मशहूर नीतीश कुमार के अब तक के उतार-चढ़ाव भरे राजनीतिक सफर पर।
केंद्र से राज्य तक: शुरुआती राजनीतिक सफर
नीतीश कुमार का संसदीय सफर काफी प्रभावी रहा है। उन्होंने ज़मीनी स्तर से शुरुआत कर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई:
1985: पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा पहुंचे।



