स्थानीय निकाय चुनाव में महायुति के साथ चुनाव ना लड़ने पर अजित पवार की सफाई

अजित पवार ने कहा कि एनसीपी का महायुति से अलग स्थानीय निकाय चुनाव लड़ना कोई नई बात नहीं है। उनका कहना है कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने और वोट शेयर बढ़ाने की रणनीति है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में उनकी पार्टी का महायुति से अलग चुनाव लड़ना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने यह कदम अपने कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने और समर्थन देने के लिए उठाया है।

अजित पवार ने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में अपनी पार्टी के अलग चुनाव लड़ने को वोट शेयर को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने याद दिलाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में एनसीपी और कांग्रेस ने गठबंधन किया था, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में अक्सर अलग से मुकाबला किया गया।

‘अक्सर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते रहे’

पवार ने कहा मैं राजनीति में 1999 से हूं। सभी चुनावों में हमने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, संसद और विधानसभा चुनावों में साथ काम किया, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में अपने कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने के लिए हम अक्सर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते रहे। इसी तरह भाजपा और शिवसेना के साथ भी हालात रहे हैं। हालांकि, पवार ने स्पष्ट किया कि भाजपा, NCP और शिवसेना के अलग चुनाव लड़ने से राज्य सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग पर दो एनसीपपी गुटों ने मिलकर चुनाव लड़ा, जिससे वोट विभाजन कम होगा। पवार ने बताया कि पहले कुछ असमंजस और गलत खबरें फैली थीं, लेकिन अब स्थिति स्पष्ट है। अजित पवार ने यह भी कहा कि शिवसेना के महायुति साथी एकनाथ शिंदे ने पहले गठबंधन के लिए संपर्क नहीं किया और जब किया भी तो सभी नामांकन पत्र भर दिए गए थे। उन्होंने आगे कहा हमने अभी भविष्य की किसी बड़ी योजना पर विचार नहीं किया है।

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के लिए मतदान कल

महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी, 2026 को कराए जाएंगे। यह चुनाव एक ही चरण में होंगे। मतदाता चुनाव में आसानी से वोट कर सकें इसके लिए सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की गई है। ग्रेटर मुंबई के सभी पोलिंग स्टेशनों पर सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक वोटिंग होगी। नतीजे 16 जनवरी, 2025 को घोषित किए जाएंगे।

गौरतलब है कि नामांकन का प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से शुरू हुई थी। वहीं नामांकन की आखिरी तारीख 30 दिसंबर थी। जिन उम्मीदवारों ने नामांकन कर दिया था, लेकिन किसी कारण वश नाम वापस लेना हो तो उसकी तारीख 2 जनवरी 2026 रखी गई थी। 3 जनवरी को जो उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, उनकी अंतिम सूची जारी हुई थी। मतदान 15 जनवरी 2026 को होगा। नतीजों की घोषणा 16 जनवरी 2025 को होगी।

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