बिहार में आज कहां स्थापित होगा विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग? उमड़ा जनसैलाब, आएंगे नीतीश भी

आज का दिन बिहार के लिए खास है। यहां विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना होने जा रही है। बड़ी संख्या में शिवभक्तों की भीड़ राम जानकी पथ पर पैदल चल पड़ी है। हर हर महादेव के जयकारे से पूरा परिसर गूंज रहा है।

पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी स्थित कैथवलिया में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना को लेकर पीठ पूजन का कार्य शुरू हो चुका है। परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमर चुकी है। श्रद्धालु हर-हर महादेव और जय श्री राम का नारा लगा रहे हैं। इधर, इस ऐतिहासिक अनुष्ठान में महावीर मंदिर न्यास के सचिव शायन कुणाल और उनकी पत्नी, सांसद शांभवी चौधरी, जजमान की भूमिका निभा रहे हैं।

विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 12 बजे कैथवलिया में उतरने की संभावना है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

मंगल गीतों से गूंज रहा परिसर, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
पीठ पूजन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। हजारों की संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं। महिलाएं मंगल गीत गा रही हैं, वहीं हर कोई इस दुर्लभ और ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनकर पुण्य का भागी बनने की कामना कर रहा है। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है।

स्थापना दिवस समारोह में कैसे जाएंगे?
मोतिहारी पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जाम की स्थिति से बचने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर क्षेत्र और मुख्य मार्गों पर सात प्रमुख ड्रॉप गेट बनाए गए हैं। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बैरिकेटिंग की गई है। कार्यक्रम स्थल तक सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक टीमों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, जिससे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

मुजफ्फरपुर से आने वाले श्रद्धालु
मुजफ्फरपुर से चकिया पहुंचें, वहां से केसरिया रूट पर लगभग 9 किलोमीटर आगे बढ़ने पर कैथवलिया स्थित मंदिर परिसर पहुंच सकते हैं।

गोपालगंज से आने वाले श्रद्धालु
गोपालगंज से खजुरिया चौक पहुंचकर केसरिया मार्ग से राजपुर होते हुए कैथवलिया मंदिर परिसर पहुंचा जा सकता है। खजुरिया से यह दूरी लगभग 15 किलोमीटर है।

मोतिहारी जिला मुख्यालय से आने वाले श्रद्धालु
मोतिहारी से पिपराकोठी–कोटवा–भोपतपुर होते हुए राजपुर के रास्ते कैथवलिया मंदिर पहुंचा जा सकता है। इस मार्ग की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है।
मोतिहारी से पिपराकोठी–पिपरा रेलवे स्टेशन–कल्याणपुर होते हुए कैथवलिया पहुंचा जा सकता है। इस मार्ग की दूरी लगभग 45 किलोमीटर है।
मोतिहारी से चकिया होते हुए कैथवलिया मंदिर परिसर पहुंचा जा सकता है। इस मार्ग की दूरी लगभग 48 किलोमीटर है।

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