भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को लेकर राष्ट्रपति मुर्मू ने जताई आशा, कहा- फ्री ट्रेड समझौते से बढ़ेंगे संबंध

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि इस वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के विचार और दृष्टिकोण समान हैं। वहीं उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी ईयू प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर अपनी खुशी जताई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल ही में हुए महत्वपूर्ण समझौतों की सराहना करते हुए कहा कि ये भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे। राष्ट्रपति ने यह बात राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के सम्मान में आयोजित भोज में कही। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए साझा प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा इस वैश्विक अनिश्चितता के समय में हमारे विचार और दृष्टिकोण समान हैं। हमें विश्वास है कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल साझा प्रयासों से ही संभव है। इस दौरे के दौरान हुए समझौते, जैसे कि भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, सुरक्षा और रक्षा साझेदारी और मोबिलिटी सहयोग फ्रेमवर्क, हमारी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे। भारत-ईयू संबंधों का भविष्य उज्जवल है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत और ईयू लोकतंत्र, बहुलता और खुली अर्थव्यवस्था जैसी साझा मूल्यों से जुड़े हैं। राष्ट्रपति भवन ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में लिखा कि ये समझौते लोगों और व्यवसायों के लिए सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

EU प्रतिनिधिमंडल से उप राष्ट्रपति ने की मुलाकात
उधर, उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दिल्ली में ईयू प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर खुशी जताई। उप राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि नेताओं ने इस समझौते को भारत-ईयू रिश्तों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार दिया। दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि यह समझौता भारत और यूरोप के बीच साझेदारी को नई गति देगा और दोनों देशों के नागरिकों तथा व्यवसायों के लिए लाभकारी साबित होगा।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर यूरोपीय परिषद और आयोग के अध्यक्ष 25-27 जनवरी को भारत में 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में आए। दोनों नेताओं ने भारत-ईयू संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा 2030 को अपनाया जिसमें पांच प्रमुख स्तंभ शामिल हैं-
समृद्धि और सततता
प्रौद्योगिकी और नवाचार
सुरक्षा और रक्षा
कनेक्टिविटी और वैश्विक चुनौतियां
कौशल, मोबिलिटी, व्यवसाय और लोगों के बीच संबंध।

Show More

Related Articles

Back to top button