iPhone 18 की कीमत को लेकर खुलासा! iPhone 17 से महंगा होगा या सस्ता? 

एप्पल की आगामी आईफोन 18 सीरीज की कीमतों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। विश्लेषक मिंग-ची कुओ के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य कीमतों को आईफोन 17 के समान या थोड़ा अधिक रखना है, भले ही कंपोनेंट महंगे हो रहे हों। एप्पल बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर सकता है ताकि अपने इकोसिस्टम के माध्यम से भविष्य में अधिक कमाई कर सके।

एप्पल इस साल अपनी नई iPhone 18 सीरीज पेश करने वाला है। लॉन्च में तो अभी काफी वक्त बाकी है लेकिन अभी से नई सीरीज में आने वाले डिवाइस की कीमतों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि इस बार भी कंपनी कीमतों को कम रखने की पूरी कोशिश करेगी भले ही कंपोनेंट्स महंगे हो रहे हों। जाने-माने Apple एनालिस्ट मिंग-ची कुओ के भी एक नए नोट में इसके बारे में बताया है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं…

कीमतें न बदलने का लक्ष्य
दरअसल कुओ के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही में आने वाली iPhone 18 लाइनअप के लिए Apple की मौजूदा सोच ये रहेगी कि कीमतों में जितना हो सके बढ़ोतरी से बचा जाए। कंपनी कथित तौर पर शुरुआती कीमतें न बदलने या पिछले मॉडल के करीब रखने का लक्ष्य बना रही है। यानी अपकमिंग iPhone 18 की कीमत iPhone 17 जितनी या उससे थोड़ी ज्यादा हो सकती है।
कुओ ने X पर शेयर किया कि एक समान एंट्री प्राइस बनाए रखने से Apple को मार्केटिंग के नजरिए से भी मदद मिलेगी। खासकर ऐसे वक्त में जब मोबाइल खरीदार कीमतों को लेकर ज्यादा जागरूक हो गए हैं।

एडवांस्ड चिप्स की भारी डिमांड
ये रिपोर्ट ऐसे वक्त में सामने आई है जब ऐसी चेतावनी दी जा रही है कि ज्यादा प्रोडक्शन लागत के कारण iPhone 18 महंगा हो सकता है। इसका एक कारण नेक्स्ट जेन A20 चिप को भी बताया जा रहा है जिसके प्रोडक्शन में Apple को काफी ज्यादा लागत आने की उम्मीद है। TSMC, जो Apple का लंबे समय से चिप बनाने वाला पार्टनर रहा है इन दिनों एडवांस्ड चिप्स की भारी डिमांड से जूझ रहा है।

Apple की खास स्ट्रैटेजी
मेमोरी की कीमतें एक और चिंता का कारण बनी हुई हैं। इंडस्ट्री-वाइड कमी ने पहले ही मेमोरी कंपोनेंट की लागत बढ़ा दी है और Apple भी इस ट्रेंड से नहीं बच पाया। कुओ का दावा है कि Apple ने अपने सप्लायर्स के साथ क्वार्टरली वैल्यू पर बातचीत शुरू कर दी है, जिसमें 2026 में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इन दबावों के बावजूद, कुओ का मानना है कि Apple ज्यादा आक्रामक तरीका अपनाएगा।

iPhone की कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी करने के बजाय, कंपनी बढ़ी हुई लागत का ज्यादातर हिस्सा खुद उठा सकती है। आसान शब्दों में कहें तो Apple आज हार्डवेयर पर थोड़ा कम कमाने को तैयार हो सकता है ताकि बाद में अपने इकोसिस्टम के जरिए ज्यादा पैसे कमा सके।

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