
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में एलपीजी आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह की गैस सप्लाई पूरी तरह सामान्य, पर्याप्त और नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाह या घबराहट में आकर अनावश्यक भंडारण न करें। सीएम ने कहा कि गैस प्राप्त करने में समस्या हो तो खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की हेल्पलाइन नंबर 011-23379836, 8383824659 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 अप्रैल को कुल 1,11,766 एलपीजी बुकिंग दर्ज की गईं, जबकि तीनों ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मिलकर 1,30,094 सिलेंडरों की डिलीवरी की। यह संख्या बुकिंग से अधिक है, जिससे साफ है कि लंबित ऑर्डर तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। साथ ही, औसत डिलीवरी समय घटकर 3.87 दिन रह गया है, जो पहले 4.24 दिन था। इससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल रही है।
कमर्शियल एलपीजी की स्थिति पर उन्होंने कहा कि दिल्ली को प्रतिदिन 6,480 सिलेंडर मिल रहे हैं, जबकि पिछले एक सप्ताह में औसत खपत केवल 4,268 सिलेंडर रही है। इससे यह स्पष्ट है कि उपलब्धता मांग से कहीं अधिक है और किसी प्रकार की कमी की आशंका नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा िक हेल्पलाइन सेवा सप्ताह के सभी दिनों में सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक उपलब्ध है।
भोजन पकाने के ये विकल्प होंगे कारगर
उन्होंने यह भी कहा कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) उपलब्ध है, वहां उसका उपयोग किया जाना चाहिए। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक और इंडक्शन कुकिंग जैसे विकल्प भी अपनाए जा सकते हैं। सरकार का कहना है कि सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है।
गैस बुकिंग के बाद भी कई दिनों का इंतजार
नई दिल्ली। राजधानी में बुकिंग के बाद भी कई लोगों की शिकायत है कि सिलिंडर नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से रसोई का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रही सही कसर कालाबाजारी ने खराब कर दी है। मजबूर उपभोक्ता अधिक कीमत देकर सिलिंडर लेने के लिए मजबूर हैं। पूर्वी दिल्ली के, शाहदरा, सीलमपुर, विवेक विहार, आनंद विहार, यमुनाविहार व खजूरी क्षेत्र में लोगों ने बताया कि गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। एजेंसी संचालक सप्लाई में कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जानबूझकर सप्लाई धीमी की जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के बाद भी उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।



