
इबोला को लेकर दुनियाभर में फैली चिंता और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वैश्विक आपातकाल घोषित किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को देश में तैयारियों का जायजा लिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अधिकारियों को निगरानी और जांच की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से तैयार रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि देश में अभी तक इबोला वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, नड्डा ने बैठक में कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और प्रवेश के अन्य स्थानों पर जांच और निगरानी शुरू कर दी गई है। साथ ही जांच, क्वारंटाइन और संक्रमण की रोकथाम के दिशानिर्देश सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को भेज दिए गए हैं।
इस बीच, विमानन नियामक डीजीसीए ने कांगो व युगांडा से उड़ानों का संचालन करने वाली एयरलाइनों को इन देशों से आने वाले या वहां से होकर गुजरने वाले यात्रियों से अनिवार्य रूप से स्व-घोषणा पत्र भरवाने को कहा है। डीजीसीए ने विमान के अंदर घोषणाएं करने का भी निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि कांगो और युगांडा में फैलने के बाद इबोला के अब तक 900 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। युगांडा में सोमवार को इबोला के दो और मामले सामने आए।
रॉयटर के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने कहा कि कांगो और युगांडा में फैल रहा इबोला का संक्रमण बचाव प्रयासों पर भारी पड़ रहा है एवं स्थितियां अब बेहतर होने की बजाय और खराब होंगी।



