UPMSP ने कॉपियों के मूल्यांकन में स्टेप मार्किंग का दिया आदेश

यूपी बोर्ड हाई स्कूल एवं इंटर की परीक्षाएं 12 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। एग्जाम संपन्न होने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश (UPMSP) की ओर से कॉपियों का मूल्यांकन करवाया जायेगा। कॉपियों की जांच से पहले ही अब बोर्ड की ओर से छात्र-छात्राओं को तोहफा मिला है। बोर्ड की ओर से शिक्षकों को आदेश दिया गया है कि वे मूल्यांकन के समय स्टेप मार्किंग करें।

स्टेप मार्किंग से छात्रों को मिलेगा फायदा
बोर्ड पेपर हल करते समय कई बार ऐसे होता है कि छात्रों पूरा प्रश्न फॉर्मूला लगाकर हल कर लेते हैं लेकिन उत्तर गलत हो जाता है। मूल्यांकन के समय स्टेप मार्किंग से छात्रों को अब इसके जरिये जितनी स्टेप सही हल की होंगी उतने उत्तर के लिए उनको अंक प्रदान किया जायेगा। इससे छात्रों को फेल होने का डर खत्म हो जायेगा।
आपको बता दें कि स्टेप मार्किंग विशेष रूप से मैथ्स एवं साइंस विषयों के लिए की जाएगी। इन विषयों में छात्रों से ज्यादा गलतियां हो जाती हैं। पहले उत्तर गलत होने पर उस उत्तर के लिए अंक नहीं मिलते हैं।

स्टेप मार्किंग का क्या है उद्देश्य
बोर्ड की ओर से साझा की गई डिटेल के मुताबिक स्टेप मार्किंग का उद्देश्य छात्रों को ऊपर से रिजल्ट का तनाव कम करना और बोर्ड रिजल्ट में सुधार करना है।

52 लाख से अधिक स्टूडेंट्स लेंगे परीक्षा में भाग
यूपी बोर्ड की ओर से हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट दोनों ही कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 18 फरवरी से लेकर 12 मार्च 2026 तक करवाया जायेगा। दोनों ही कक्षाओं के लिए 5230297 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसमें से हाई स्कूल में 2750945 स्टूडेंट्स पंजीकृत हैं जिसमें से 1438683 बालक एवं 1312263 बालिकाएं रजिस्टर्ड हैं।

Show More

Related Articles

Back to top button