गुप्त नवरात्र में भारी पड़ सकती है ये एक छोटी सी भूल

आज से गुप्त नवरात्र शुरू हो चुके हैं। हिंदू धर्म में गुप्त नवरात्र को तंत्र-मंत्र की साधना और कोई खास मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए बहुत फलदायी माना गया है। जहां चैत्र और शारदीय नवरात्र में धूमधाम से उत्सव का माहौल होता है, वहीं गुप्त नवरात्र की पूजा बेहद गोपनीय तरीके से की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, गुप्त नवरात्र की पूजा जितनी फलदायी है, उसके नियम उतने ही कठिन हैं। विशेष रूप से पहले दिन की गई एक छोटी सी चूक आपकी पूरी पूजा को खराब कर सकती है और आपको मुश्किलों में डाल सकती है। आइए जानते हैं गुप्त नवरात्र के पहले दिन किन नियमों का पालन करना चाहिए और किनसे बचना चाहिए?

भूलकर भी न करें ये गलतियां
गुप्त नवरात्र की सबसे बड़ी गलती अपनी पूजा के बारे में लोगों को बताना है। अगर आप किसी विशेष फल के लिए पूजा-अर्चना कर रहे हैं, तो इसके बारे में किसी व्यक्ति को न बताएं।
इन नौ दिनों में प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह से वर्जित माना गया है। पहले दिन कलश स्थापना के बाद अगर घर में तामसिक भोजन बनता है, तो मां लक्ष्मी और मां काली रुष्ट हो सकती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दौरान बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना या नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता।
गुप्त नवरात्र के पहले दिन घर में लड़ाई-झगड़ा न करें। इस दौरान किसी महिला, बुजुर्ग या कन्या का अपमान करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि महिलाओं को मां दुर्गा का प्रतीक माना गया है और उनके अपमान से पूजा का फल खत्म हो सकता है।

पहले दिन क्या करें?
नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त जैसे अभिजीत मुहूर्त में ही कलश की स्थापना करें। कलश को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
गुप्त नवरात्र के नौ दिनों तक मन, वचन और कर्म से पवित्र रहें। जैसे – जमीन पर सोना और सात्विक आहार करना आदि।
मां काली या 10 महाविद्याओं के मंत्रों का जाप मानसिक रूप से करें। जप माला ढकी हुई होनी चाहिए, ताकि साधना गुप्त रहे।
अगर हो पाए, तो अखंड ज्योति जलाएं। नहीं, तो सुबह-शाम घी का दीपक जलाकर आरती जरूर करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

करें ये खास उपाय
गुप्त नवरात्र के दौरान अगर आप किसी तांत्रिक मंत्र का जाप कर रहे हैं, तो उसे बिना गुरु के या सही उच्चारण के न करें। पहले दिन ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ जैसे मंत्रों का जप कर सकते हैं। साथ ही मां को गुड़ का भोग लगाएं। इससे देवी की विशेष कृपा मिलेगी।

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