दक्षिण से पूर्वी दिल्ली तक बिना सिग्नल होगा सफर: संशोधित बजट को मंजूरी

दक्षिणी दिल्ली के आईएनए से पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार तक का सफर तीन महीने में सिग्नल फ्री होने जा रहा है। इनको जोड़ने वाले बारापुला फेज तीन कॉरिडोर के संशोधित बजट को दिल्ली कैबिनेट ने सोमवार को मंजूरी दी है।

दक्षिणी दिल्ली के आईएनए से पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार तक का सफर तीन महीने में सिग्नल फ्री होने जा रहा है। इनको जोड़ने वाले बारापुला फेज तीन कॉरिडोर के संशोधित बजट को दिल्ली कैबिनेट ने सोमवार को मंजूरी दी है। इसका निर्माण भी अंतिम चरण में है। जून 2026 के आखिर में इससे आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। उधर, कैबिनेट ने एमबी रोड के करीब पांच किमी लंबे हिस्से पर 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर व एक अंडरपास बनाने को भी हरी झंडी दिखाई है।

इससे पहले सोमवार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 को जोड़ने वाले बारापुला फेज-तीन एलिवेटेड कॉरिडोर और एमबी रोड पर 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर व अंडरपास बनाने से जुड़े प्रस्ताव पेश हुए। दोनों प्रोजेक्ट पर कैबिनेट ने मुहर भी लगा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों परियोजनाओं से दिल्ली की बड़ी आबादी को राहत मिलने जा रही है। इससे दिल्ली की सड़क व्यवस्था ज्यादा आधुनिक और सुगम बनेगी। यह परियोजनाएं दिल्ली को विकसित बनाने की दिशा में अहम हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को हकीकत बनाने में योगदान देंगी।

देरी की होगी जांच
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पिछली सरकार के समय इस परियोजना में हुई अनावश्यक देरी को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले को एंटी-करप्शन ब्रांच को विस्तृत जांच के लिए भेज दिया गया है। यह पता लगाया जा सके कि देरी क्यों हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। मौजूदा सरकार परियोजना को स्पष्ट वित्तीय व्यवस्था और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ा रही है।

जाम से मिलेगी राहत
एमबी रोड दक्षिण दिल्ली की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है। यहां लंबे समय से ट्रैफिक जाम रहता है। इस परियोजना के बनने के बाद साकेत, आंबेडकर नगर, खानपुर, संगम विहार और पुल प्रह्लादपुर के बीच यातायात सुगम होगा। ट्रैफिक जाम कम होगा और सफर का समय भी घटेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने पीडब्ल्यूडी को यह भी निर्देश दिया है कि एमबी रोड के बचे हुए हिस्सों का अलाइनमेंट जल्द तय किया जाए।

11 साल पहले शुरू हुई थी योजना
बारापुला फेज-तीन की शुरुआत 2015 में हुई थी। उस वक्त इसमें बड़ी चूक काम पूरी जमीन उपलब्ध न होना रहा। इससे बार-बार काम रुका। ठेकेदार कंपनी के साथ भुगतान को लेकर भी विवाद गहराया। मामला मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) तक पहुंचा। अब इसका ज्यादातर काम पूरा हो गया है। करीब 500 मीटर हिस्से में 10 पिलर व 14 स्पैन का निर्माण बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि अब कैबिनेट से संशोधित लागत 1635.03 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने से इसे 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद मयूर विहार से एम्स तक करीब 9:50 किमी लंबा कारीडोर सिग्नल-फ्री हो जाएगा। इससे सराय काले खां, रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे तथा एनएच-24 के आसपास होने वाला ट्रैफिक जाम भी कम होगा।

एमबी रोड पर 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर भी मंजूर
दक्षिणी दिल्ली को जाम से निजात दिलाने के लिए दिल्ली कैबिनेट ने एलीवेटेड रोड व अंडरपास बनाने का फैसला लिया है। करीब 1471.14 करोड़ रुपये की लागत से साकेत जी ब्लॉक से पुल प्रह्लाद तक एलीवेटेड रोड और अंडरपास बनेगा। इसे दिसंबर 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है। इसे दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) बनाएगा। यह प्रोजेक्ट दो हिस्सों में लागू होगी। पहले हिस्से में साकेत जी-ब्लॉक से संगम विहार तक डबल-डेकर इंटीग्रेटेड स्ट्रक्चर बनाया जाएगा। इसमें 6-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर, साकेत जी-ब्लॉक पर 6-लेन अंडरपास, बीआरटी कॉरिडोर से फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रैंप और एमबी रोड को बीआरटी कॉरिडोर से जोड़ने वाला दो लेन अंडरपास बनाया जाएगा। इसके दूसरे हिस्से में मां आनंदमयी मार्ग से पुल प्रह्लादपुर तक लगभग 2.48 किलोमीटर लंबा 6-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह दिल्ली मेट्रो की टनल के ऊपर तैयार किया जाएगा।

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