
महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमेटी ने 6 मार्च से राज्यव्यापी चक्का-जाम आंदोलन की घोषणा की है। ट्रांसपोर्टर ई-चालान प्रणाली के कथित दुरुपयोग और मनमाने जुर्माने के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमेटी (M-TAC) ने 6 मार्च, शुक्रवार से राज्यव्यापी चक्का-जाम आंदोलन का एलान किया है। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि सरकार ने ई-चालान के मसले पर किसी तरह का कोई ठोस फैसला नहीं लिया है।
परिवहन संघ के नेता मलकीत सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने गुरुवार शाम तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो पूरे राज्य में वाणिज्यिक वाहनों का ‘अनिश्चितकालीन चक्का जाम’ शुरू कर दिया जाएगा।
महाराष्ट्र भर के ट्रांसपोर्टरों ने गुरुवार आधी रात से हड़ताल की घोषणा की है। अगर यह हड़ताल होता है तो इससे लोगों को दिक्कत हो सकती है, क्योंकि इस हड़ताल को ट्रक, स्कूल बस, प्राइवेट टूरिस्ट बस, टेंपो और टैक्सी के साथ-साथ ऑटो रिक्शा यूनियनों ने भी अपना समर्थन दिया है।
क्यों करेंगे हड़ताल?
बता दें कि महाराष्ट्र में ट्रांसपोटरों द्वारा इस हड़ताल की घोषणा ई-चालान प्रणाली के कथित दुरुपयोग और मनमाने जुर्माने को लेकर की जा रही है। महाराष्ट्र परिवहन कार्रवाई समिति के मलिक पटेल ने कहा कि बुधवार शाम को परिवहन आयुक्त राजेश नरवेकर के साथ हुई बातचीत विफल रही और “हम अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे”।
जब तक राज्य सरकार और यूनियनों के बीच सहमति नहीं बनती, तब तक महाराष्ट्र में यातायात और माल परिवहन पर इस हड़ताल का असर जारी रहने की संभावना है।
कौन-कौन दे रहा हड़ताल को समर्थन?
वेस्टर्न इंडिया ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (WIAA) के अध्यक्ष नितिन डोसा ने कहा कि 80,000 निजी कार मालिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस संगठन ने भी हड़ताल का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें भी ई-चालान को लेकर शिकायतें थीं। स्कूल बस मालिक संघ के अनिल गर्ग ने चेतावनी दी है कि गुरुवार की सुबह स्कूल बसें उपलब्ध रहेंगी, लेकिन शुक्रवार से वे सड़कों से हट जाएंगी।
टैक्सी यूनियन के नेता डी.ए. सालियन ने कहा कि कई टैक्सी चालक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे, क्योंकि वे भी ई-चालान प्रणाली से परेशान हैं, जिसमें जुर्माना अनुचित है और दिन भर की कमाई से भी अधिक है। मुंबई रिक्शा चालक यूनियन के नेता थम्पी कुरियन ने कहा कि उपनगरों में ऑटो चालक भी हड़ताल में शामिल होंगे।
विधानसभा में उठा था मुद्दा
बुधवार को राज्य विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया गया, जब विधायक अमीन पटेल ने सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने दावा किया कि वाणिज्यिक वाहनों के लगभग 3,500 करोड़ रुपये के ई-चालान लंबित हैं, और आरोप लगाया कि एक ही वाहन के लिए कई चालान काटे गए हैं, जिनमें से अधिकांश अनुचित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हड़ताल के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।



