सीएम यादव बोले- मातृभूमि की रक्षा की लिए रानी अवंतीबाई का बलिदान सदियों तक रहेगा अविस्मरणीय

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रानी अवंतीबाई का मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया बलिदान सदियों तक याद रहेगा। उन्होंने शुक्रवार को डिंडोरी जिले में रानी अवंतीबाई के बलिदान दिवस के कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया। सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश वीरांगनाओं की भूमि है। रानी दुर्गावती, रानी कमलापति और रानी अवंतीबाई जैसी बहादुर महिलाओं ने विदेशी आक्रांताओं को कड़ी टक्कर दी। रानी अवंतीबाई ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ डटकर लड़ाई लड़ी। उनका साहस और त्याग कभी नहीं भुलाया जा सकता।

संग्रहालय का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने रानी अवंतीबाई की याद में डिंडोरी में 1 करोड़ रुपये की लागत से बने भव्य संग्रहालय का उद्घाटन किया। इस संग्रहालय में उनकी फोटो गैलरी और शस्त्र रखे गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देंगे। सीएम ने कहा कि यह संग्रहालय उनके बलिदान को हमेशा जिंदा रखेगा। बता दें रानी अवंतीबाई का जन्म सिवनी जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। 1857 में जब अंग्रेजों ने रामगढ़ के राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को मार डाला, तो रानी ने क्रांति की कमान संभाली। उन्होंने रेवांचल क्षेत्र में मुक्ति आंदोलन चलाया। 1858 में अंग्रेजों की बड़ी सेना से लड़ते हुए उन्होंने अंत तक हार नहीं मानी और हंसते-हंसते शहादत दी। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की तरह डिंडोरी में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी।

सीएम ने डिंडोरी जिले की तारीफ की
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने रानी अवंतीबाई के नाम पर सागर में विश्वविद्यालय स्थापित किया है। इससे उनकी शहादत को सम्मान मिलता रहेगा। सीएम ने डिंडोरी जिले की तारीफ की। जिले ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान में एक दिन में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं-बेटियों की जांच कर एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया। एचपीवी टीकाकरण में भी प्रदेश में पहले नंबर पर है। ‘पंखिनी अभियान’ के तहत बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को बधाई दी। डिंडोरी सीएम के दिल के करीब है और विकास के साथ विरासत को भी संजोया जा रहा है।

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